बंटोगो तो कटोगे मिसाल को सही साबित किया गुजरात मैं...?
नेशनल न्यूज़ 24 नेटवर्क इंडिया
अभी कुछ दिन पहले गुजरात डबल इंजन की भाजपा सरकार ने राजकोट शहर के जंगलेश्वर और आस-पास के इलाक़ों में करीब 1360 घरों में रहने वाले लोगों को घर ख़ाली करने के नोटिस जारी किया था.
अजी और खोखरदड़ी नदियों के पश्चिमी तट पर मौजूद इन घरों में लगभग सात हजार लोग रहते हैं, ज़िला प्रशासन ने उन्हें सात दिनों के भीतर घर खाली करने के लिए कहा था, आरोप था कि ये घर सरकारी ज़मीन पर बनाए गए हैं और इसलिए यह सरकारी ज़मीन का अतिक्रमण है.
साथ ही जंगलेश्वर के अलावा इसके दक्षिण में स्थित बुद्ध नगर, राधाकृष्ण नगर, नालोदा नगर और सिद्धार्थ नगर जैसे इलाक़ों में भी यही नोटिस जारी किए गए थे, यह पूरा क्षेत्र लोगों के बीच जंगलेश्वर के नाम से ही जाना जाता है, इस सारे इलाक़े में मिली-जुली आबादी रहती है, जहां जंगलेश्वर क्षेत्र में मुस्लिम बहुसंख्यक हैं, वहीं अन्य बस्तियों में हिंदुओं की संख्या ज़्यादा है.
नोटिस से ताज़ा ताज़ा आई इस मुश्किल को देखते हुए इलाक़े में रहने वाले दोनों धर्मों के लोग हिंदू-मुस्लिम एकता मंच नामक एक समूह के साथ एक बार फिर एकजुट हुए और भूमि से बेदखल करने की प्रक्रिया के ख़िलाफ़ कानूनी लड़ाई शुरू कर दी, इस मंच के लोगों ने कानूनी लड़ाई के हर चरण में यह सुनिश्चित किया कि हिंदू-मुस्लिम एकता की परिकल्पना बनी रहे और दोनों धर्मों के लोग अपने अधिकारों के लिए एक साथ लड़ते हुए दिखाई दें, कोई इसमें नफ़रत ना घोल पाए.
बीते सोमवार को जब गुजरात हाई कोर्ट ने गुजरात लैंड रेवेन्यू कोड की धारा 202 के तहत स्थानीय मामलतदार की तरफ़ से जारी ज़मीन खाली करने के नोटिस को रद्द कर दिया, तब पूरे इलाक़े के लोग जश्न मनाने के लिए सड़कों पर उतर आए.
वहां के स्थानीय लोगों ने मीडिया सोशल मीडिया को बताया कि मुसलमान अपने हिंदू पड़ोसियों के साथ प्रार्थना करने के लिए मंदिरों में भी गए और इसी तरह हिंदू भी अपने मुस्लिम पड़ोसियों के साथ हसनशाह पीर के मकबरे पर सिर झुकाने गए और कहा हम सब एक हैं.
वहीं शहर के जाने माने सामाजिक कार्यकर्ता पुरुषोत्तम पिपरिया ने आपदा के दौरान जंगलेश्वर के लोगों की एकजुटता को विशाल खारे समुद्र में मीठे पानी की बूंदें बताई और कहा कि यह एक अच्छा संदेश है...पहले सुना था कि बंटेंगे तो कटेंगे, अब यहां साबित भी कर दिया है, लिहाज़ा हम हमेशा अब एक रहेंगे और ये संदेश गुजरात ही नहीं पूरे देश मैं फैलायेंगे...!
सम्पादक फ़रीद भारतीय
Comments
Post a Comment